चीन से आयात होने वाले सामान में हवाला से लेनदेन की आशंका, कैट ने किया जाँच की मांग

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पटना (न्यूज़ सिटी)। कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने चीन से आयात होने वाले माल पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए आशंका जताई है की इसमें बड़ी मात्रा में हवाला से लेन देन की आशंका है। जिसके कारण से चीनी सामान बाजार में सस्ता मिलता है और सरकार को कस्टम ड्यूटी एवं टैक्स की बड़ी चपत लगाती है। कैट ने यह भी आशंका जताई है की हवाला का यह लेन देन कहीं पाकिस्तान को तो आतंकी गतिविधियां चलाने के लिए नहीं दिया जाता। इस विषय की गंभीरता को देखते हुए कैट ने सरकार से मांग की है की इस मामले के सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जाए और दोषी लोगों को पकड़ा जाए। इसमें कहीं न कहीं भारतीय बंदरगाह के अधिकारियों की मिलीभगत है। कैट ने कहा की चीन से आयात होने वाला सामान लागत से भी कम मूल्य पर बिल होकर आता है और उसी के अनुसार उस पर ड्यूटी और आईजीएसटी लगती है, इससे सरकार को राजस्व की बड़ी हानि होती है।
फ़ाईल फोटो
कैट के बिहार अध्यक्ष श्री अशोक कुमार वर्मा एवं महासचिव श्री रमेश गांधी ने कहा की हमारे देश में चीन से आयात होने वाला अधिकांश सामान बेहद कम मूल्य की बिलिंग पर आता है। अनेक कैसों में सामान कुछ आता है और उसका बिल कुछ और होता है। जिससे उस पर कम से कम ड्यूटी और आइजीएससटी लगे। यदि माल और बिल में लिखे माल का मिलान किया जाए तो पता लगेगा दोनों में कितना फर्क है। इस बात को ध्यान में रखते हुए भारतीय बंदरगाहों पर चीन से आने वाले सामान पर बेहद कड़ी निगरानी की आवश्यकता है।

श्री वर्मा एवं श्री गांधी ने यह भी कहा की इस मामले में इम्पोर्टर के साथ साथ विभिन्न विभागों के अधिकारीयों की मिलीभगत होती है। जिसके कारण से बहुत सुगमता के साथ यह व्यापार लम्बे अर्से से चल रहा है और न केवल भारतीय बाज़ार को ख़राब कर रहा है, बल्कि देश की सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा सवाल बन गया है। उन्होंने यह भी कहा की जो लोग चीन से माल मंगाते है और उस पर आईजीएसटी देते हैं। उनको कायदे से आईजीएसटी का इनपुट क्रेडिट लेना चाहिए। लेकिन यदि इस मामले की छानबीन की जायेगी तो पता लगेगा की किसी ने भी इनपुट क्रेडिट क्लेम नहीं किया है, क्योंकि वो सारा माल बाज़ार में बिना बिल के बेच दिया जाता है और इस वजह से ये माल सस्ता हो जाता है और हमारे घरेलु उत्पाद क्योंकि पूरा टैक्स देते हैं इस वजह से चीनी माल से महंगे रहते है।

बिहार चैप्टर के चेयरमैन कमल नोपानी जी कहा की क्योंकि यह मामला देश की सुरक्षा से भी जुड़ा है। इस दृष्टि से दरकार को इस पर गंभीरता से कदम उठाते हुए इस मामले के सभी पहलुओं की एक व्यापक जांच करनी चाहिए। मिसाल के तौर पर जो माल चीन से आता है उसकी घोषित वैल्यू से 50% अधिक पर सरकार उस माल की नीलामी करे तो इस खेल का सारा सच सामने आ जायेगा।

भारत आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई लड़ रहा है और यह निश्चित है की आतंकवादी गतिविधियों के लिए उनको फण्ड मुहैय्या कराया जाता है। इसलिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है की चीन से आयात होने वाले माल में हवाला के लेन देन की आशंका को देखते हुए यह देखा जाए की कहीं ये हवाला का पैसा आतंकवादियों को तो नहीं दिया जा रहा।

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