Page Nav

HIDE

Breaking News:

latest

 







ग्रीन बजट पर की गई काम की ऑडिटिंग केंद्र सरकार की एजेंसी से कराए : पप्पू वर्मा

पटना (न्यूज सिटी)। पटना विश्वविद्यालय के सिंडिकेट सदस्य पप्पू वर्मा ने कहा कि बिहार सरकार का अति महत्वाकांक्षी योजना जल, जीवन, हरियाली मिशन...


पटना (न्यूज सिटी)। पटना विश्वविद्यालय के सिंडिकेट सदस्य पप्पू वर्मा ने कहा कि बिहार सरकार का अति महत्वाकांक्षी योजना जल, जीवन, हरियाली मिशन "ग्रीन बजट"पर किए गए काम का ऑडिटिंग केंद्र सरकार की एजेंसी से कराकर ही इस योजना पर आगे की रणनीति बनानी चाहिए। साथ ही कहा कि जल जीवन हरियाली मिशन बिहार सरकार का शानदार योजना व बहुत ही सराहनीय कदम है। बिहार में सड़क निर्माण और बिहार के विकास में कट चुके पेड़ों, सुख चुके नहर, तालाबों एवं नदियों के लिए पुनर्जीवित करने वाला योजना था। बिहार सरकार ने इस योजना पर बजट लाकर बिहार वासियों को कहा था कि इस योजना के तहत 1,66,962 जल संरचना,18840 आहर, 28013 पईन और 1,16,000 हजार कुआं का निर्माण कराया जाएगा। इसके साथ ही जल स्रोतों का निर्माण वर्षा जल संचयन की सुविधा जैविक खेती इत्यादि कई काम इस योजना के तहत होनी थी।






https://www.youtube.com/watch?v=Pl7bgmz5RQ0




इसके अलावा पटना शहर की आबोहवा को ठीक करने के लिए बड़ी राशि की घोषणा की गई थी। लेकिन संपूर्ण बिहार व पटना में इन योजनाओं का असर दिख नहीं रहा है। इसमें कोई शक नहीं है कि बिहार सरकार इन योजनाओं के माध्यम से अच्छा प्रयास एवं अच्छा काम करना चाह रही है। परंतु दुर्भाग्य है कि बरसात का भी शुरुआत होने वाला है और इन योजनाओं का भी सख्त जरूरत है। लेकिन बिहार में खानापूर्ति साफ दिख रही है। पर्यावरण व अन्य योजनाओं पर जिस तरह की गंभीरता और समर्पण की जरूरत है, वह अभी सरकार के प्रयासों में नजर नहीं आ रही, इसके पीछे जो सबसे बड़ा कारण है। बिहार के विकास में बरसों से जंक लगा चुके सरकारी व्यवस्था। आज कहीं ना कहीं सरकार के अच्छे प्रयासों का भी दम घुटता हुआ दिख रहा है व इन योजनाओं पर पानी फिरता हुआ।









श्री वर्मा ने कहा कि बिहार सरकार को आगे की कोई योजना बनाने से पूर्व इन योजनाओं पर कहां तक काम हुआ है। इन सभी बातों पर गंभीरता पूर्वक विचार करते हुए स्वतंत्र एजेंसी से सभी कामों का जांच करवा कर ही इन योजनाओं पर आगे का काम हो ताकि बिहार वासियों को पता चल सके। ताकि इन योजनाओं पर पैसा कहां-कहां अभी तक खर्च हुआ है व इन सभी कामों के गति देने में रुकावट बने अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को चिन्हित कर आगे की कार्ययोजना पर प्लान करना चाहिए। बिहार का पैसों का बंदरबांट होने से बच सकें व सही दिशा में इन महत्वाकांक्षी योजनाओं पर काम हो और उसका असर संपूर्ण बिहार में देखने को मिले।






No comments