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बिहार के पर्यटन स्थलों से रोजगार की भरपूर संभावनाए है : पप्पू वर्मा

पटना (न्यूज सिटी)। पटना विश्वविद्यालय के सिंडिकेट सदस्य पप्पू वर्मा ने कहा कि बिहार के पर्यटन स्थल पूरे दुनिया में मशहूर है आज जरूरत है बिह...


पटना (न्यूज सिटी)। पटना विश्वविद्यालय के सिंडिकेट सदस्य पप्पू वर्मा ने कहा कि बिहार के पर्यटन स्थल पूरे दुनिया में मशहूर है आज जरूरत है बिहार के सभी पर्यटन स्थलों को व्यवस्थित करने की बिहार के पर्यटन स्थलों को रोजगार से जोड़ने की आवश्यकता है। बिहार के वैशाली पहला गणतंत्र की स्थापना किया था। वैशाली जिला भगवान महावीर के जन्म स्थली होने के कारण जैन धर्मावलंबियों के लिए एक पवित्र तीर्थ स्थल है।






https://youtu.be/pJaQC8__xdo




बिहार के नालंदा विश्व प्रसिद्ध नालंदा विश्वविद्यालय होने के कारण भारत में ही नहीं पूरे दुनिया में इसका गौरव था। नालंदा में ही कई पर्यटक स्थल है, जिसे देखने के लिए पूरे दुनिया भर के लोग प्रत्येक वर्ष यहां आते हैं। लेकिन सुविधाविहीन क्षेत्र होने के कारण पर्यटकों का आने का लाभ स्थानीय बेरोजगारों को नहीं मिल पाता है। इस क्षेत्र को अगर विकसित किया जाए तो कई रोजगार की संभावनाएं उभरकर के सामने आएगा। आज क्षेत्र में रुकने के लिए अच्छा होटल नहीं है, वातावरण पर्यटकों के अनुकूल नहीं है। जिसके वजह से ऐतिहासिक स्थल होने के कारण व विकसित नहीं होने के कारण इस क्षेत्र में पर्यटकों का आना धीरे-धीरे कम होता गया। सरकार अगर पूरी तरह से ध्यान दें यहां के पर्यटन स्थल के माध्यम से इस क्षेत्र के लोगों को रोजगार से जोड़ा जा सकता है। बिहार की राजधानी पटना गंगा नदी किनारे बसा बिहार का सबसे बड़ा शहर है। यह शहर दुनिया के सबसे पुराने शहरों में से एक माना जाता है। सिखों के दसवें गुरु गुरु गोविंद सिंह का जन्म स्थान होने के कारण सिखों के लिए एक प्रमुख तीर्थ स्थान है। इसके अलावा पटना में कई ऐतिहासिक पर्यटक स्थल है। जिसे देखने के लिए यहां लाखों की संख्या में लोग आते हैं। लेकिन उसका लाभ पटना शहर के लोगों को नहीं मिल पाता है राज्य की राजधानी होने के कारण यहां सुविधा तो है परंतु राज्य सरकार के उदासीन रवैया के कारण पर्यटकों से रोजगार का वातावरण नहीं बन पाया। बिहार के गया भगवान बुद्ध के ज्ञानस्थली होने के कारण लाखों की संख्या में विदेशी पर्यटकों को यहां आना जाना है। उसके बावजूद भी गया का क्षेत्र आधुनिक व विकसित नहीं होने के कारण पर्यटकों का लाभ बड़े पैमाने पर रोजगार में बदल नहीं पाता है। जिसका प्रमुख कारण है।









इस शहर को व्यवस्थित नहीं होना लाखों की संख्या में हर वर्ष पूरे दुनिया से इस क्षेत्र में लोग अपने पूर्वजों का पिंडदान करने यहां आते हैं। लेकिन आज भी राजधानी से गया जाने के लिए सड़क मार्ग का स्थिति ठीक नहीं है। लोगो को ट्रेनों पर निर्भर रहना पड़ता है। शहर की हालात जस के तस बना हुआ है। जिसके वजह से पर्यटकों का आने का लाभ यहां के लोगों को नहीं मिल पाता हैं। अगर राज्य सरकार चाहे तो इन सभी क्षेत्रों को विकसित व आधुनिक बनाकर इस क्षेत्र के लोगों को रोजगार का एक बड़ा संसाधन उपलब्ध करवा सकता है। यहां के बेरोजगार नौजवानों, श्रमिकों और स्थानीय लोगों को पर्यटकों के माध्यम से रोजगार से उन्हें जोड़ा जा सके।


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