विभिन्न मांगों को लेकर एनएमसीएच के जूनियर डॉक्टरों ने किया कार्य बहिष्कार

0
210

पटना सिटी (न्यूज सिटी)। अगमकुआं स्थित नालंदा मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों ने विभिन्न मांगों को लेकर अस्पताल में आज से कार्य बहिष्कार किया है। वही जूनियर डॉक्टरों ने अस्पताल प्रबंधन से मांग करते हुए कहा कि कॉलेज में अविलंब पठन-पाठन शुरू करने, अस्पताल में कोरोना मरीज़ों अलावे अन्य मरीजों का उपचार शुरू किए जाने और अस्पताल में डॉक्टरों के लिए 30 बेड आरक्षित किए जाने की मांग किया हैं। जिससे अस्पताल में तैनात सीनियर डॉक्टरों पर काम का दबाव बढ़ गया है। हालांकि अस्पताल के जूनियर डॉक्टरों ने आपात स्थिति में ड्यूटी बजाने का भरोसा दिलाते हुए अविलंब मांगों को पूरी किए जाने की अपील की है।

मामले की जानकारी मिलते ही नालंदा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ हीरालाल महतो ने जूनियर डॉक्टरों के साथ बैठक भी की। लेकिन वार्ता बेनतीजा साबित हुई। वही मौके पर जूनियर डॉक्टरों ने पीएमसीएच और आईजीआईएमएस का हवाला देते हुए कहा कि वहां दोनों ही प्रकार के मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इस दौरान जूनियर डॉक्टरों का यह भी कहना था कि कोविड मरीजो के इलाज के दौरान अस्पताल के कई डॉक्टर कोरोना संक्रमित हो गए हैं। ऐसे में इन डॉक्टरों के लिए अस्पताल में अलग से 30 बेड आरक्षित होनी चाहिए।

पूरे मामले पर पूछे जाने पर नालंदा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने कोरोना के कारण पढ़ाई बाधित होने की बात स्वीकार करते हुए पूरे मामले से स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को अवगत करा दिए जाने की बात कहा है। इस दौरान प्राचार्य ने जल्द ही समस्या का निराकरण कर लिए जाने का भरोसा दिलाते हुए जूनियर डॉक्टरों से काम करने की अपील की है।

गौरतलब है कि राज्य सरकार ने लगभग 04 माह पूर्व एनएमसीएच को कोविड अस्पताल घोषित किया था, जहां सिर्फ कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज चल रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here