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सुशांत के लिए सीबीआई जाँच की मुहिम का समर्थन करने हेतु जताया आभार

पटना (न्यूज सिटी)। बिहार भाजपा प्रवक्ता डॉo निखिल आनंद ने कहा है कि शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी के आधिकारिक विरोध के कारण सुशांत मामले में महार...


पटना (न्यूज सिटी)। बिहार भाजपा प्रवक्ता डॉo निखिल आनंद ने कहा है कि शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी के आधिकारिक विरोध के कारण सुशांत मामले में महाराष्ट्र सरकार और मुम्बई पुलिस का न्याय विरोधी रूख सुप्रीम कोर्ट तक भी बरकरार रहा। राज्य सरकार के सत्ताधारी आंतक और प्रशासनिक-पुलिसिया विरोध बावजूद महाराष्ट्र में भी आम जनता और महाराष्ट्र-मुम्बई भाजपा संगठन के नेताओं- कार्यकर्ताओं ने सुशांत के लिए सीबीआई जाँच की मुहिम का खुलकर समर्थन किया। इस मुहिम का खुलकर समर्थन करने के लिए महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस, राम कदम, नारायण राणे, आशीष शेलार, नीतेश राणे का महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ और सुशांत के पक्ष में खुलकर स्टैंड लेने के लिए बिहार की जनता की ओर से विशेष धन्यवाद-आभार। साथ ही महाराष्ट्र के युवा नेता पार्थ पवार का भी बहुत धन्यवाद जिन्होंने एनसीपी के विरोध के बावजूद सुशांत के पक्ष में खड़े होने की हिम्मत दिखाई।






https://youtu.be/dbttufSIpPQ




बिहार भाजपा प्रवक्ता निखिल आनंद ने सुशांत सिंह राजपूत की संदेहास्पद मृत्यु के मामले में सीबीआई जाँच निर्देशित करने पर सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद ज्ञापन किया है। निखिल ने कहा कि सुशांत मामले की सीबीआई जाँच कराने की मुहिम से जुड़े न सिर्फ बिहार और भारत बल्कि दुनिया भर के करोड़ों लोगों को भावनात्मक समर्थन से लिए बहुत साधुवाद। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस, एनसीपी, शिवसेना न्याय की राह में रोड़ा बनकर सुप्रीम कोर्ट तक आरोपियों के साथ खड़ी रही। हमें पूरी उम्मीद है कि तमाम चुनौतियों के बावजूद सीबीआई सुशांत को न्याय दिलाएगी।






https://youtu.be/rQozszaA-I8




निखिल आनंद कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में दर्ज एफआईआर, बिहार पुलिस की जाँच जाँच और बिहार सरकार के सीबीआई जाँच की सिफ़ारिश को सही ठहराया। इस फैसले के बाद महाराष्ट्र सरकार और मुम्बई पुलिस का मुखौटे वाला चाल-चरित्र-चेहरा बेनकाब हो गया है। शिवसेना-एनसीपी-काँग्रेस को इस तरह की घटिया न्याय विरोधी हरकत के लिए सार्वजनिक माफी माँगनी चाहिए। महाराष्ट्र सरकार और मुम्बई पुलिस द्वारा अहम गवाहों को धमकाने, सबूतों को मिटाने और  तथ्यों से छेड़छाड़ करने की सार्वजनिक चर्चा एक बड़ी चिंता का विषय है। लेकिन हमें पूरा विश्वास है कि तमाम चुनौतियों और बाधाओं को पार कर सीबीआई समय के अंतराल में सुशांत मामले में दूध-पानी करेगी और न्याय दिलाएगी।


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