“स्कूल नही तो वोट नही” के नारे के साथ ग्रामीणों ने वोट बहिष्कार करने का लिया निर्णय

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भभुआ (कैमूर) / (न्यूज सिटी)। एक तरफ बिहार की सुशासन बाबू बिहार में शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावा करते हैं लेकिन यहाँ पर सारे दावे खोखले साबित हो रहे है। ऐसा ही एक मामला भभुआ के वार्ड नंबर 14 से प्रकाश में आया है, जहाँ विगत कई वर्षों से जर्जर व टूटे हुए विद्यालय के पुनः निर्माण के लिए सरकार की आंखे मुंदी हुई है। इसको निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों को केवल आश्वासन ही मिल रहा है। इसी से नाराज ग्रामीणों ने एकत्रित होकर आज आगामी बिहार विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करते हुए मतदान नही करने का निर्णय लिया है। इस दौरान लोगों ने सुशासन बाबू की सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर की नारेबाजी किया।

ग्रामीणों ने बताया कि हमारे वार्ड के विद्यालय जहां पर सैकड़ों बच्चे पढ़ते थे। जो कि मिडिल क्लास तक चलता है और वो भी पूरी तरह से टूट कर जर्जर हो चुकी है। स्कूल पुनः निर्माण को लेकर कई बार जिला प्रशासन से लेकर जनप्रतिनिधियों तक गुहार लगाया गया। लेकिन इस पर केवल आश्वासन ही मिला। कोई इस पर करवाई नहीं हुई। वही ग्रामीणों ने बताया कि वार्ड मे विद्यालय नहीं होने के कारण इस वार्ड के बच्चे दूसरे वार्ड के स्कूल मे जाते है। जहा वहां पहले से ही बच्चे पढ़ रहे हैं और दोनों वार्ड की संख्या को बच्चे ज्यादा होने से कारण बच्चे सही ढंग से नहीं पढ़ पा रहे हैं। इसी को लेकर कई बार हम लोगों ने जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधि से गुहार लगाई। लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।केवल आश्वासन ही आश्वासन मिलती है। पर, इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में हम लोगों ने मन बना लिया है कि जब तक विद्यालय नहीं बनेगा, तब तक वोट का बहिष्कार करेंगे। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि जब तक जिला प्रशासन के द्वारा ठोस कदम क्या लिखें आवेदन नहीं मिल जाता है, तब तक वार्ड नंबर 14 के सभी नगरवासी वोट का बहिष्कार ही करेंगे।

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