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पूर्णिया में दबंगों का दिखा कहर, पीड़ित परिवार को बंधक बनाकर जमकर पीटा

पूर्णिया/श्याम नंदन (न्यूज सिटी)। के.हाट मधुबनी टी.ओ.पी थाना क्षेत्र के रहमत नगर वार्ड नंबर 4 के निवासी नुशरत बानू पति- मो. रईश के परिवारों ...


पूर्णिया/श्याम नंदन (न्यूज सिटी)। के.हाट मधुबनी टी.ओ.पी थाना क्षेत्र के रहमत नगर वार्ड नंबर 4 के निवासी नुशरत बानू पति- मो. रईश के परिवारों को दबंगों के द्वारा उसी के घर में बंधक कर बुरी तरह मारने का मामला प्रकाश में आया है. बतादें कि रहमत नगर निवासी में नुशरत बानू और उनके परिवार वालो को ब्रोकर एवं गांव के दबंग लोगो के द्वारा जिनमे सोहेल वार्ड पार्षद/ खुर्शीद/ शमीम/वसी/मुर्शिद/दुलारे/शकील/अब्दुल बारीक़ घर में घुस कर बुरी तरह पीटा. पीड़िता नुशरत बानू की माने तो इनलोगों के आलावा ब्रोकरों में शोहेल मुन्ना वार्ड "पार्षद"/चन्दन सिंह और मुर्शिद भी घटना को अंजाम दिया है. जबकि घटना से एक दिन पूर्व पीड़िता की सास सबीना खातून ने घटना की लिखित शिकायत डाक पोस्ट के जरिये एवं स्वंय उपस्थित हो कर पूर्णिया पुलिस अधीक्षक विशाल शर्मा/ टीओपी थाना अध्यक्ष शैलेश कुमार पांडेय/पूर्णिया जिलाधिकारी राहुल कुमार को भी दिया. वही पीड़िता ने बताया कि मो. मुन्ना और खुर्शीद ने लोहे के रड से मेरे ससुर मोहिउद्दीन के सिर पर मारा जिससे मेरे ससुर घायल हो गए. जहाँ उनके सीने और कंधे में गंभीर चोट लगी.





वही पीड़िता ने बताया कि शमीम/दुलारे ने उन्हें बाल खीचते हुए जमीन पर पटक दिया. वही खड़ा विपक्षी मुर्शिद ने लात गुसा घुसा से बहुत बुरी तरह पीटा. जिसमे मेरे कान का सोने का बाली और गले का सोने का चेन जबर्दस्ती खीच लिया. इसी घटना क्रम में मेरे ससुर की जेब से आठ हजार रुपये भी उन लोगों ने जबर्दस्ती निकाल लिया. और मेरे ही घर में हमलोगों को बंधक बनाकर रख लिया.





जिसके बाद पीड़िता ने बताया कि मेरे पति ने चोरी छिपे बंद घर से ही मोबाईल नंबर 6200860094 से थाना प्रभारी टीओपी शैलेश कुमार पांडेय को उनके मोबाईल नंबर 9973213050 को 2 बार इन लोगों के चंगुल से निकलवाने की गुहार लगाई. लेकिन घण्टो बीत जाने के बाद भी टीओपी पुलिस हम लाचार परिवार वालो को बचाने नही पहुँची. थक हार कर हमने सदर एसडीपीओ आनंद पांडेय को इस घटना की जानकारी मोबाईल के जरिये दिया. वही एसडीपीओ ने कहा कि आप स्थानीय थाना को फ़ोन कीजिये पुलिस पहुंच जायेगी. लेकिन कोई पुलिस नही आई.





जिसके बाद पीड़ित परिवार वालो ने मीडिया वालों को फोन किया. इस आलोक में मिडिया वाले ने पड़ताल की तो मामला सत्य पाया. और इसी दौरान मिडिया वालों ने हम पीड़ित परिवार को मुक्त कराते हुए सदर अस्पताल पूर्णिया भेजवाए. पुनः एक बार फिर घटना के सुबह पीड़िता नुशरत बानू ने टीओपी थाना में लिखित आवेदन के साथ सदर अस्पताल के पुर्जा के साथ देने गई तो थाना के मुंशी ने आवेदन स्वीकार नही किया और फटकार लगा दिया. जबकि पीड़िता ने बताया कि उसके पहुँचने के पूर्व से ही ब्रोकर शोहेल उर्फ मुन्ना पार्षद बैठा हुआ था. जिससे लग रहा था कि विपक्षी का थाना वालो का उठ बैठ होगा.





पीड़िता ने बताया कि टीओपी थाना जब आवेदन नही लिया गया तो मैं पोस्ट ऑफिस के माध्यम से उसी आवेदन को पुनः पूर्णिया पुलिस अधीक्षक/ के.हाट थाना और टीओपी थाना को डाक के द्वारा भेजा. बहरहाल पिछले दिन शक्ति हत्याकांड का सफल उद्भेदन पूर्णिया पुलिस के द्वारा किया गया . जो सच में काबिले तारीफ़ है जिसका की जनता के साथ राजनैतिक दल ने भी सराहना की. लेकिन शक्ति हत्या कांड के खुलासे के दिन ही इन पीड़िता के साथ अन्याय होता रहा.





हत्या के मास्टर माइंड आफताब ने अपना जुर्म पुलिस अधीक्षक और मीडिया के समक्ष कबूलते हुए बताया था कि अगर शक्ति मल्लिक के साम्राज्य को के. हाट थाना और टीओपी थाना का समर्थन नहीं रहता तो इतना अत्याचार नही होता और ना ही हम हत्यारा बनते. वही आरोपी ने ये भी कहा कि मुझे हत्या करने का तनिक भी मलाल नही है क्योंकि हमने रावण का वध किया है.





जहाँ एक ओर शक्ति मल्लिक हत्या कांड में पुलिस की संलिप्तता पाई गई. ठीक उसी तरह की लापरवाही और संलिप्तता पीड़िता नुशरत बानू के मामले में दिखने को मिल रहा है.
हालांकि पीड़िता की माने तो घटना के ही दिन इसकी सूचना मोबाईल से सदर एसडीपीओ आनंद पांडेय को भी दिया गया. जहाँ सदर एसडीपीओ ने इन पीड़ित परिवार से बात करते हुए कहा कि थाना फ़ोन कर दीजिए पुलिस पहुँच जायेगी. यहां समझ से परे है कि टीओपी थाना ने सदर एसडीपीओ आनंद पांडेय की बातों को हल्के में क्यों लिया. ये एक गम्भीर विषय है इसकी भी जाँच होनी चाहिये.






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