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09 दिसंबर को निजी स्कूलों के संचालक जिला समहरणालय में करेंगे एक दिवसीय सत्याग्रह

पटना (न्यूज़ सिटी)। प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफ़ेयर एसोसीएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद शमायल अहमद के आह्वान पर संगठन के बैनर तले बिह...


पटना (न्यूज़ सिटी)।
प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफ़ेयर एसोसीएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद शमायल अहमद के आह्वान पर संगठन के बैनर तले बिहार प्रदेश के सभी 38 ज़िलो के निजी विद्यालय संचालकगण 09 दिसंबर को ज़िला समहरणालय के बाहर एक दिवसीय सत्याग्रह करेंगे। निजी विद्यालयों के संरक्षण हेतु एक दिवासीये सत्याग्रह हेतु राष्ट्रीय अध्यक्ष के इस आह्वान का स्वागत सभी 38 ज़िला के ज़िला अध्यक्ष सहित प्रत्येक ज़िला की प्रखंड समिति एवं निजी विद्यालय संचालकों ने पुरज़ोर किया है एवं इस निजी विद्यालय के संरक्षण हेतु सत्याग्रह में भरपूर सहयोग का आश्वासन दिया। 

बताते चले कि मार्च माह से ही प्रांत में सभी निजी विद्यालयों को केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा हस्तक्षेप कर बंद करवा दिया गया था। आज लगभग सभी उद्योग, व्यापार, सरकारी संस्थानो एवं धार्मिक संस्थानो को केंद्र एवं राज्य सरकार के द्वारा संचालित करवाया जा रहा है परंतु सभी निजी विद्यालयों को केंद्र सरकार आदेश जारी करने पश्चात भी संचालित नहीं किया जा रहा है। 

संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद शमायल अहमद ने 38 ज़िलो के निजी विद्यालय संचालकों को सम्बोधित करते हुए इस विपरीत परिस्थिति में सभी निजी विद्यालय संचालकों को एक जुट रहने के लिए कहा एवं सभी ज़िलो के निजी विद्यालय संचालकों के परेशानियों पर खेद जताते हुए सभी उपस्थित निजी विद्यालय संचालकों का मनोबल बढ़ाया। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सरकार के निजी विद्यालयों के तरफ़ उदासीन रवैये के लिए चिंता जताया है साथ ही प्रदेश में सरकार के द्वारा निजी विद्यालयों में लिए जा रहे विभिन्न सरकारी परीक्षाओं पर भी सवाल खड़ा किया की यदि कोरोना के कारण जब निजी विद्यालय संचालन हेतु पाबंदी लगायी गयी है तब किस आधार पर निजी विद्यालयों में सरकारी परीक्षा संचालन करने के लिए परीक्षा केंद्र बनाया जा रहा है जिसके लिए कोई भी रक़म निजी विद्यालयों को सरकार के द्वारा नहीं दी जा रही है ? जब की सरकार द्वारा परीक्षा संचालन हेतु मोटी रक़म पंजीकरण नाम पर परीक्षार्थियों से वसूली जा रही है। क्या कोरोना महामारी सिर्फ़ निजी संस्थानो के लिए है और सरकारी कार्य हेतु कोई कोरोना नहीं है ? अब सभी निजी विद्यालय दिवालिया की स्थिति में पहुँच गए है और सत्याग्रह ही अंतिम विकल्प बचा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों पर अब सभी जिला में क्रांति की लहर जागृत हो उठी है। अब सभी निजी विद्यालय संचालक, शिक्षक, शिक्षिकाएँ एवं कर्मचारी सड़क पर उतर कर आंदोलन करने पर मजबूर हो गए है। ताकि राज्य सरकार जल्द से जल्द संगठन की माँगो पर संज्ञान लेते हुए विद्यालयों को पुनः संचालित करने हेतु उचित दिशानिर्देश पारित कर सके।

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