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किसानों ने घंटों जाम कर आंदोलन को सफल किया। 

पटना सिटी (न्यूज़ सिटी)। देश व्यापी किसानों के चल रहे आंदोलन को बल व समर्थन प्रदान करने व केंद्र सरकार पर दवाब बनाने के लिए भाकपा माले, अखिल ...

पटना सिटी (न्यूज़ सिटी)। देश व्यापी किसानों के चल रहे आंदोलन को बल व समर्थन प्रदान करने व केंद्र सरकार पर दवाब बनाने के लिए भाकपा माले, अखिल भारतीय किसान महासभा , खे ग्रा म स ने राज्य व्यापी चक्का जाम करने के आहवान पर आज पटना सिटी में भगत सिंह चौक को किसानों ने घंटों जाम कर आंदोलन को सफल किया । जाम 1

* किसानों को गुलाम बनाने वाली केंद्र सरकार तीनों कानून वापस लो ! 

*बिजली बिल 2020 वापस लो!

 * बिहार सरकार एम् एस पी व बोनस के साथ सभी किसानों की सभी धान खरीद की गारंटी करें! 

 *राज्य व्यापी चक्का जाम आंदोलन में पटना सिटी में भगत सिंह चौक को किसानों ने घंटों जाम कर आंदोलन को सफल किया। 

 बजे दिन से तीन बजे तक चला। किसानों के इस आंदोलन का नेतृत्व किसान महासभा के राज्य सचिव कॉमरेड उमेश सिंह,राज्य उपाध्यक्ष कॉमरेड शंभूनाथ मेहता एवं भाकपा माले के पटना सिटी सचिव कॉमरेड नसीम अंसारी ने किया । कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य सचिव कॉमरेड उमेश सिंह ने कहा कि देश करोना संकट से देश जूझ रहा है और देश की सरकार इस करोना संकट के ओट में लगातार देश की सार्वजनिक संस्थाएं बेच रही है ।चुकी करोना महामारी के चलते व्यापक विरोध नहीं हो पा रहा है ।इसी के ओट में देश के सबसे बड़ा सेक्टर खेती को कारपोरेट को नीलाम करने कि नीयत से तीन विधेयकों को अलोकतांत्रिक तरीके से संसद में पास करा लिया गया । और कहा जा रहा है कि किसानों को आजाद कर दिया हूं । ये तीन कानून है पहला कृषि उपज,वाणिज्य एवं ब्यपार ( संवर्धन और सुविधा ) कानून 2020 दूसरा मूल्य आश्वासन (बंदोबस्ती व सुरक्षा ) समझौता कानून 2020 तीसरा आवस्यक वस्तु संशोधन कानून 2020 इसके अलावा बिजली बिल 2020 इन कानूनों के जरिए देश के कारपोरेट को खेती करने की छूट मिल जाएगा और किसानों के हाथ से खेती निकल कर कारपोरेट के हाथों में चला जाएगा और उनकी मर्जी से खेती करनी पड़ेगी । अंग्रेजी काल में किसानों का जो हाल था वहीं स्थिति हो जाएगा जैसे निलहे किसानों की हालात थी और गांधी जी को चम्पारण में उनके आंदोलन चलाना पड़ा था।मंडियां समाप्त कर दी जाएगी । और आवश्यक वस्तु के अधिक से अधिक भंडारण करने की छूट मिल जाएगा ।सरकार किसानों से अनाज खरीद नहीं करेगी तो जनवितरण प्रणाली भी समाप्त हो जाएगा और इससे करोड़ों लोगों के सामने खाद्य संकट पैदा हो जाएगा । नए बिजली बिल से बिजली पर से सरकारी नियंत्रण समाप्त हो जाएगा और कंपनियां मन मना बिजली रेट बसुल करेंगे । संकट इतनी गहरी है कि देश के किसान उबाल पर है और पंजाब,हरियाणा, उत्तर प्रदेश ,राजस्थान, मध्य प्रदेश ,महाराष्ट,गुजरात के किसान दिल्ली कूच कर गए है और दिल्ली को पिछले 7 दिनों से लगातार घेराव कर दिया है । जो किसान दिल्ली नहीं जा सके है वे सभी अपने अपने राज्यों के प्रखंडों , अनुमंडलों व जिला कार्यालयों पर धरना प्रदर्शन कर अपनी मांगो को रोज भेज रहे है । आज चक्का जाम आंदोलन कर मांग कर रहे है वार्ता का ढकोसला बंद करो ,किसानों को गुलाम बनाने वाली तीनों काले कानून को रद्द करें,प्रस्तावित बिजली बिल 2020 वापस लो । देश के किसान इन काले कानूनों को वापस लेने तक आंदोलन चलाएंगे और सरकार को कानून वापस लेने के लिए बाध्य कर देंगे ।अन्यथा सरकार को ही जाना पड़ेगा । इसी आंदोलन में हम बिहार सरकार से मांग करते है कि इन काले कानूनों के खिलाफ इसे बिहार में लागू नहीं करेंगे इस आशय का प्रस्ताव पास करे । और बिहार के किसानों की धान एम् एस पी व बोनस के साथ अविलंब खरीद की गारंटी करें ।अन्यथा आंदोलन की आग में बिहार सरकार भी झुलसेगी । उमेश सिंह ने कहा कि किसानों के खिलाफ यह कानून दुनियां के सबसे बड़ा कारपोरेट लूट का रास्ता प्रशस्त कर दिया है । देश के किसान इसे कदापि बर्दास्त नहीं करेगा । देश के कारपोरेट की नजर कृषि क्षेत्र 67 लाख करोड़ रुपए के इस मार्केट पर है जिसे वे सरकार के मिली भगत से कब्जा करना चाहते है और सरकार इसी के लिए इस कानून को पास कराया है ।इस देश के किसान अपने इस लूट को बर्दास्त नहीं करेंगे ।उन्हें कारपोरेट की गुलामी बर्दास्त नहीं है ।सबसे दुखद पहलू यह है कि सरकार इन कानूनों को किसान हित में बता रही है । देश के किसान इन कानूनों को वापस लेने तक आंदोलन चलाएंगे । और किसान गुलामी बर्दास्त नहीं नहीं करेगा या तो सरकार कानून वापस ले नहीं तो इस्तीफा दे । इस आंदोलन को किसान महासभा के राज्य उपाध्यक्ष कॉमरेड शंभू नाथ मेहता, भाकपा माले के पटना सिटी सचिव कॉमरेड नसीम अंसारी ने संबोधित किया । कार्यक्रम में शामिल किसान कार्यकर्ता व भाकपा माले नेता ललन यादव, राम बाबू,मिथिलेश सिंह ,जावेद,इदरीश खां,मुज्जफर अंसारी,रविंदर प्रसाद, महेश चंदरबंसी,उमेश पासवान,किसान नेता राजेश कुशवाहा, सुरेश प्रसाद, अविनाश, उमा यादव , मनोज तिवारी ,भीम जायसवाल, आदि ने भाग लिया। नसीम अंसारी सचिव, भाकपा माले ,पटना सिटी

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