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पांच दिवसीय मत्स्य पालन सह मखाना प्रशिक्षण सत्र का हुआ समापन 

पूर्णिया। भोला पासवान शास्त्री कृषि कॉलेज में पांच दिवसीय मत्स्य पालन सह मखाना प्रशिक्षण सत्र का समापन किया गया। वही प्रशिक्षण में मधुबनी क...


पूर्णिया।
भोला पासवान शास्त्री कृषि कॉलेज में पांच दिवसीय मत्स्य पालन सह मखाना प्रशिक्षण सत्र का समापन किया गया। वही प्रशिक्षण में मधुबनी के किसानों ने मखाना उत्पादन के साथ मछली पालन के बारे में कॉलेज के वैज्ञानिकों से जानकारी लिया। जिसमें मधुबनी जिले के 25 किसान के अलावे तकनीकी प्रबंध सहायक मौजूद थे।

पांच दिवसीय मत्स्य पालन सह मखाना प्रशिक्षण सत्र के समापन के अवसर पर भागलपुर स्थित सबौर कृषि विश्वविद्यालय के नव नियुक्त कुलपति डॉ• आर के सुहाने मुख्य अतिथि के रूप में कॉलेज में मौजूद थे। बता दें कि कुलपति डॉ• आर के सुहाने पहली बार भोला पासवान शास्त्री कृषि कॉलेज पहुंचे थे। जहां मुख्य अतिथि कुलपति डाo आर के सुहाने ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री के तैलचित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया। 

जिसके बाद मुख्य अतिथि कुलपति डॉ• आर के सुहाने का कृषि कॉलेज के सभागार में जोरदार स्वागत किया गया। मौके पर मंच में कुलपति के अलावे कुलसचिव डॉ• मिरजानुल हक, भोला पासवान शास्त्री कृषि कॉलेज के प्राचार्य डॉ• पारसनाथ, एम एल एस एम कॉलेज दरभंगा के प्राचार्य डॉ• विद्यानाथ झा, भारतीय मखाना अनुसंधान केंद्र दरभंगा के मृदा वैज्ञानिक मनोज कुमार उपस्थित थे। वही कॉलेज प्रबंधन की ओर से अतिथियों का स्वागत बुके, शॉल और पगड़ी पहना कर किया गया। कुलपति के द्वारा किसानों के बीच प्रशिक्षण प्रमाण पत्र और आगन्तुक को सम्मानित किया गया। 

बिहार कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ• आर के सुहाने ने समापन के अवसर पर कहा कि मखाना बिहार की पहचान है। उन्होंने कहा कि बायोटेक किसान हब योजना के तहत मखाना उत्पादन को बढ़ावा मिल रहा है। इसके लिए आठ जिले में राष्ट्रीय बागवानी योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण और रिसर्च का काम चल रहा है। 

आगे कुलपति ने कहा कि इस साल मखाना को जीआई टैग मिलना तय माना जा रहा है। मखाना की इंटरनेशनल ब्रांडिंग बारे में बताया कि विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि और निर्यात करनेवाली कंपनी के लोगों को शामिल किया जायेगा ताकि मखाना की प्रोसेसिंग और ब्रांडिग बिहार में ही हो सके। प्रोसेसिंग और ब्रांडिग बिहार में होने से इसका सबसे ज्यादा फायदा किसानों को होगा।

पूर्णिया से श्याम नंदन की रिपोर्ट।

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