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75 की जगह 60 साल से ऊपर के लोग हों आयकर रिटर्न भरने से मुक्त : आरसीपी सिंह

पटना।   जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य श्री आरसीपी सिंह ने आज राज्यसभा में केन्द्रीय बजट 2021-22 पर चर्चा के दौरान अपने संबोधन...


पटना।
 जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य श्री आरसीपी सिंह ने आज राज्यसभा में केन्द्रीय बजट 2021-22 पर चर्चा के दौरान अपने संबोधन में वित्त मंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने बहुत ही शानदार और विकासोन्मुख बजट प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि ये बड़े गौरव की बात है कि जब पूरी की पूरी दुनिया कोरोना से प्रभावित रही, उस समय सबसे बड़ा लक्ष्य था कि कैसे भुखमरी और बीमारी से अपने हिन्दुस्तान के लोगों की जान बचाई जाय। मैं माननीय प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को धन्यवाद देना चाहूँगा कि पूरे देश में जिस प्रकार की व्यवस्था की गई, कोरोना काल में भूख से एक भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं हुई और आज पूरे देश में वैक्सीन देने की शुरुआत भी हो चुकी है और ये वैक्सीन पूरी तरह से हमारी अपनी वैक्सीन है। इतनी बड़ी त्रासदी में भी हमें अनाज, दूध या दवाई के लिए विदेश में नहीं झांकना पड़ा। ये हमारा आत्मनिर्भर भारत है और इस पर हमें गर्व करना चाहिए।

श्री आरसीपी सिंह ने कहा कि केन्द्र सरकार की मूलभूत सोच है - सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास। ये Growth with Equity है। बिहार में हमारे नेता श्री नीतीश कुमार का संकल्प है – न्याय के साथ विकास, समावेशी विकास। इसका मतलब है सभी लोगों का विकास और सभी क्षेत्रों का उत्थान। पूरी की पूरी एनडीए सरकार की ये सोच है और यही फिलॉसफी भी है। कोरोना काल में सबके जनधन के खाते में 500 रुपए दिए गए। सबको मुफ्त अनाज दिया गया। हमारे बिहार में जितने हमारे श्रमिक साथी देश के अन्य कोनों में फंसे हुए थे, सबके खाते में एक-एक हजार रुपए दिए गए। जब वे श्रमिक बिहार आए तो उनके रहने की व्यवस्था की गई और एक-एक व्यक्ति पर 5300 रुपए खर्च किए गए। इतनी बड़ी महामारी के बीच भी कुछ लोग डाटा दे रहे हैं कि कि इंडस्ट्रियल ग्रोथ कम हो गया। जब उद्योग ही बंद थे तो इंडस्ट्रियल ग्रोथ कहां से संभव था? इस दौरान काम कहीं हो रहा था तो कृषि के क्षेत्र में क्योंकि गांवों में महामारी की पहुँच नहीं थी। आप देख लीजिए कि कोरोना काल में भी कृषि के क्षेत्र में कितना शानदार काम हुआ कि आज भी हमारे पास सरप्लस अनाज है।     

शिक्षा के क्षेत्र को लें तो केन्द्र सरकार बधाई की पात्र है कि इस कोरोना काल में भी ऑनलाइन पढ़ाई के लिए 30 लाख से ज्यादा शिक्षकों को ट्रेंड किया गया जिससे कि बच्चे पढ़ सकें। आगे भी 92 लाख शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी कि वो ठीक से पढ़ा सकें। बिहार की बात करें तो कोरोना के दौरान स्कूल बंद रहे लेकिन बच्चे-बच्चियों की साइकिल हो या छात्रवृत्ति, उनके खाते में पैसे पहुँचा दिए गए। इस बजट में आदिवासी इलाकों के एकलव्य स्कूलों के लिए भी बजट का प्रावधान है। सरकार की सोच ही है कि सबसे अंतिम छोर पर हमार गांवों में जो रहते हैं, उनको भी विकास का सारा लाभ मिले। केन्द्र हो या बिहार, हमारी सरकार का स्पष्ट मानना है कि हमारे संसाधन पर पहला अधिकार गरीबों, आपदापीड़ितों और महामारी से प्रभावित लोगों का है।

श्री आरसीपी सिंह ने कहा कि सबलोग सोच रहे थे कि बजट आएगा तो तरह-तरह के टैक्स लगाए जाएंगे लेकिन कोई नया टैक्स नहीं लगा। बल्कि 75 साल से ऊपर के लोगों को आयकर रिटर्न भरने से मुक्त कर दिया गया। ये बहुत ही सराहनीय कदम है। मैं अनुरोध करूंगा कि इस उम्र सीमा को थोड़ा और पीछे ले चलें। उन्होंने कहा कि हमारे कई प्रदेशों में सीनियर सिटीजन के लिए 65 की उम्र है तो कई प्रदेश में 60 साल की। 60 साल से ऊपर के लोगों के पास अगर केवल पेंशन से या बैंक के इंटरेस्ट से पैसा आता हो तो उनका टीडीएस सीधे बैंक में ही कट जाएगा। अगर 75 साल की जगह 60 साल से ऊपर के लोगों को रिटर्न भरने से मुक्त कर दिया जाएगा तो हमारे सेवाकर्मियों को और सीनियर सिटीजन को इससे बहुत लाभ होगा।

श्री आरसीपी सिंह ने कहा कि सरकार जो सब्सिडी फर्टिलाइजर कंपनियों को देती है उस पर अध्ययन की जरूरत है। जितनी सब्सिडी हम फर्टिलाइजर कंपनियों को देते हैं उसका 70% नाइट्रोजन पर जाता है। इसका दुष्प्रभाव यह पड़ता है कि हमारे उत्पादन के लिए NPK का जो बैलेंस जरूरी होता है, वो खत्म हो रहा है। मेरा अनुरोध होगा कि इसका असेसमेंट कर जितना इस पर खर्च होता है वो सीधा डीबीटी के माध्यम से किसानों के खाते में दे दिया जाय। इससे उन्हें ये लाभ सीधा मिलेगा और इफिसियेंसी भी बढ़ेगी। इसी तरह बीज के लिए दी जाने वाली सब्सिडी की राशि भी सीधा उनके खाते में भेजने की व्यवस्था हो।

श्री आरसीपी सिंह ने अपने संबोधन में यह सुझाव भी दिया कि मनरेगा के तहत होने वाले कार्यों में निजी भूमि पर कृषि कार्य को भी जोड़ दिया जाय। इससे न केवल किसानों की आमदनी बढ़ेगी बल्कि मनरेगा का भी सदुपयोग होगा। मैं अंत में एक बार फिर अच्छे बजट और आत्मनिर्भर भारत के लिए लाए गए बजट के लिए केन्द्र सरकार को धन्यवाद देता हूँ।

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