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पूर्णिया को कालाजार से मुक्त करने के लिए सिविल सर्जन के नेतृत्व में हुई टास्क फोर्स की बैठक

पूर्णिया। स्वास्थ्य विभाग के द्वारा कालाजार जैसी बीमारियों से बचने के लिए ज़िले को अलर्ट कर दिया गया है। इस रोग को जड़ से समाप्त करने एवं समाज...


पूर्णिया।
स्वास्थ्य विभाग के द्वारा कालाजार जैसी बीमारियों से बचने के लिए ज़िले को अलर्ट कर दिया गया है। इस रोग को जड़ से समाप्त करने एवं समाज को पूरी तरह से सुरक्षित रखने के लिए त्वरित गति से उन्मूलन कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिले के सभी 14 प्रखंडों के 333 आक्रांत गांवों में 81 छिड़काव दल के द्वारा डोर टू डोर सिंथेटिक पाराथाराइड का छिड़काव कराया जाएगा। जिसको लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग के टास्क फोर्स की बैठक सदर अस्पताल एएनएम स्कूल सभागार में आयोजित की गई। फरवरी 2021 तक मात्र 4 मरीजों की पहचान की गई थी। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. उमेश शर्मा ने बताया जिले में वर्ष 2016 में 237, 2017 में 212, 2018 में 165, 2019 में 102, 2020 में 64 व फरवरी 2021 तक मात्र 4 मरीजों की पहचान की गई थी जिसका इलाज करने के बाद कालाजार मुक्त घोषित कर दिया गया है। इस बैठक में सीएस डॉ उमेश शर्मा, एसीएमओ डॉ एसके वर्मा, ज़िला मलेरिया पदाधिकारी डॉ आरपी मंडल, डीपीएम ब्रजेश कुमार सिंह, एपिडेमियोलॉजिस्ट नीरज कुमार निराला, वीडीसीओ रवि रंजन सिंह, केयर इंडिया के डीपीओ चंदन कुमार सिंह, पीसीआई के आरएमसी गौरव किशन, डब्लूएचओ के जोनल समन्वयक डॉ दिलीप कुमार, सिफार के प्रमंडलीय समन्वयक धर्मेंद्र कुमार रस्तोगी, बीएचएमसलीमा खातून, विभव सहित ज़िले के सभी एमओआईसी, बीएचएम व बीसीएम शामिल थे। 

केयर इंडिया व पीसीआई का लिया जाएगा सहयोग : 

सीएस सिविल सर्जन डॉ उमेश शर्मा ने बताया कालाजार के विरुद्ध सिंथेटिक पाराथाराइड दवा का छिड़काव 81 टीम के द्वारा ज़िले के सभी 14 प्रखंडों में होगा। छिड़काव कार्य से दो दिन पूर्व आशा कार्यकर्ताओं के द्वारा अपने-अपने पोषक क्षेत्रों में छिड़काव की सूचना दी जाती है। उसके बाद जब 6 सदस्यीय टीम पहुंचती है तो सबसे पहले घर के सभी सामान, बच्चों, मवेशी व मवेशियों के चारा को बाहर निकाल दिया जाता है या तो फिर उसे किसी प्लास्टिक या अन्य तरह के चादर से ठीक तरह से ढक दिया जाता है ताकि छिड़काव करने में किसी तरह से कोई असुविधा नहीं हो। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अलावे केयर इंडिया व पीसीआई का सहयोग लिया जाएगा। प्रखण्ड स्तर पर वेक्टर बॉर्न डिजीज सुपरवाइजर, बेसिक हेल्थ इंस्पेक्टर, बेसिक हेल्थवर्कर, केयर इंडिया के प्रखंड समन्वयक , एएनएम व आशा कार्यकर्ताओं के साथ ही पंचायत जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जाएगा। 


ज़िले के 333 आक्रांत गांवों में 81 टीम के द्वारा कराया जाएगा सिंथेटिक पाराथाराइड छिड़काव : डीएमओ
 

जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ आरपी मंडल ने बताया ज़िले के 333 आक्रांत गांवों में 81 भ्रमणशील दल के द्वारा सिंथेटिक पाराथाराइड का छिड़काव कराया जाएगा। क्योंकि एसपी का छिड़काव ही कालाजार से बचने के लिए सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है। इसके साथ ही बचाव के लिए हम सभी को भी सतर्क तो रहना ही है साथ ही साथ आसपास के लोगों को भी जागरूक करना बेहद ही जरूरी है। इसके लिए हमलोगों को अपने घरों में सफ़ाई के साथ ही आसपास जैसे:- बथान, दलान, मवेशियों के रहने वाला स्थान, नाला की सफाई सहित अन्य तरह के रहन-सहन में भी बदलाव करना अति आवश्यक है। 

कालाजार के मरीज़ों को क्षतिपूर्ति राशि के रूप में मिलेगी 7100 आर्थिक मदद : 

एसीएमओ एसीएमओ डॉ एसके वर्मा ने बताया कालाजार के मरीज़ों को प्रति मरीज 7100 रुपये की श्रम-क्षति पूर्ति राशि भी दी जाएगी। यह राशि भारत सरकार व राज्य सरकार की तरफ से दी जाती है। मरीजों के लिए 6600 और आशा कार्यकर्ताओं के लिए 100 रुपये की राशि मुख्यमंत्री कालाजार राहत अभियान के अंतर्गत प्रति मरीज व आशा को 500 रु. की राशि भारत सरकार की तरफ से दी जाती है। कोविड-19 कोरोना संक्रमण के अलावा कालाजार से बचाव के लिए हमलोगों को गर्मी के दिनों में बहुत ज़्यादा सतर्कता बरतनी होगी। क्योंकि यह भी एक तरह से संक्रामक जैसी बीमारी होती है। जो गर्मी के दिनों में बालू मक्खी के काटने से होती है।

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