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सिविल सर्जन सहित एक दर्जन से अधिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने लगवाया कोरोना टीका का दूसरा डोज

अररिया। सिविल सर्जन सहित एक दर्जन से अधिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने मंगलवार को कोरोना टीका का दूसरा डोज लगवाया। टीका के दोनों डोज लगवाने के बा...


अररिया।
सिविल सर्जन सहित एक दर्जन से अधिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने मंगलवार को कोरोना टीका का दूसरा डोज लगवाया। टीका के दोनों डोज लगवाने के बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि कोरोना महामारी के खिलाफ टीकाकरण लोगों के लिये सुरक्षा कवच की तरह है। अपने परिवार की सेहत के साथ-साथ समाज व पूरे देशवासियों को इस वैश्विक महामारी से निजात दिलाने के लिये टीका लगाना हर एक देशवासी की जिम्मेदारी है। मंगलवार को कोरोना टीका का दूसरा डोज लगवाने वालों में सिविल सर्जन डॉ रूपनारायण कुमार, डीआईओ डॉ मोईज, एसीएमओ डॉ सीपी मंडल, डीपीएम रेहान असरफ, डीएएम सनोज कुमार, डीएमएनई सभयसांची पंडित, पीरामल फाउंडेशन के डीटीओ डॉ अफरोज सहित अन्य स्वास्थ्य अधिकारी व कर्मी शामिल हैं। 


वैक्सीन को लेकर किसी तरह का संशय बेकार :

वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाने के बाद सिविल सर्जन ने कहा कि बीते एक साल से लोग कोरोना महामारी को लेकर भय व दहशत में जीने के लिये विवश हैं। इस भय व दहशत के माहौल से उबरने का टीकाकरण ही एक मात्र जरिया है।बावजूद इसके कुछ एक लोगों में टीकाकरण को लेकर संशय व्याप्त है। जो पूरी तरह व्यर्थ है। वैक्सीन को पूरी तरह सुरक्षित बताते हुए उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिहाज से ये बेहद उपयोगी व महत्वपूर्ण है। चरणबद्ध प्रक्रिया से देश के हर एक लोगों को टीकाकृत किये जाने को लेकर सरकार द्वारा अभियान का संचालन किया जा रहा है। प्रथम चरण में स्वास्थ्य व आईसीडीएस कर्मियों को टीका लगाया गया। दूसरे चरण में फ्रंट लाइन वर्कर को टीकाकरण की प्रक्रिया में शामिल किया गया। इसी तरह एक मार्च से संचालित किये जा रहे टीकाकरण के तीसरे चरण में 60 साल से अधिक उम्र के लोगों और 45 से 59 वर्ष के बीच वाले लोग जो गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हैं को टीका लगाने का कार्य शुरू किया गया है। 


दूसरे डोज के 14 दिन बाद होता है :

एंटीबॉडी का निर्माण कोरोना टीका का दूसरा डोज लेने के बाद डीआईओ डॉ मोईज ने कहा कि कोरोना महामारी से खुद के बचाव के साथ-साथ दूसरे लोगों की सुरक्षा के लिये टीका का पूरा डोज लेना जरूरी है। टीका का पहला डोज लेने के चार सप्ताह बाद दूसरा डोज लेना निहायत जरूरी है। दूसरे डोज के 14 दिनों बाद शरीर में एंटीबॉडी का निर्माण हो चुका होता है। इसके बाद व्यक्ति का शरीर कोरोना संक्रमण से जुड़ी किसी तरह की चुनौतियों से निपटने में 95 फीसदी तक सक्षम होता है| लिहाजा उनके संक्रमित होने का खतरा काफी कम होता है। 


कोरोना के खिलाफ सुरक्षा कवच का काम करेगा टीका : 

डीपीएम रेहान असरफ ने कहा कि टीकाकरण के शुरुआती दौर में सोशल मीडिया पर प्रचारित कुछ भ्रामक जानकारियों के कारण लोगों के मन में टीकाकरण को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो गयी थी। जो अब धीरे-धीरे दूर होने लगा है। यही कारण है कि जिले में अब तक 12068 लोगों को कोरोना टीका का पहला डोज लगाया जा चुका है। इतना ही नहीं 698 लोग टीका का दूसरा डोज भी ले चुके हैं। तीसरे चरण में संचालित अभियान के तहत सोमवार की शाम तक कुल 74 लोगों का कोरोना टीका का पहला डोज लगाया जा चुका है| टीकाकरण की प्रक्रिया में निरंतर तेजी आ रही है। जो इस महामारी को जड़ से खत्म करने के लिहाजा से महत्वपूर्ण है।

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