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आयुष्मान भारत योजना के ई-गोल्डन कार्ड बनाने में पूर्णिया को मिला 10 वां स्थान

पूर्णिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अतिमहत्वकांक्षी योजनाओं में शुमार स्वास्थ्य औऱ परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित &q...


पूर्णिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अतिमहत्वकांक्षी योजनाओं में शुमार स्वास्थ्य औऱ परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित "आयुष्मान भारत योजना या प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना" के तहत आयोजित पखवाड़ा में पूर्णिया को 10 वां स्थान मिला है। ज़िले में लगभग 233 वसुधा केंद्रों के माध्यम से आरटीपीएस पटल पर ई-गोल्डन कार्ड निर्माण कार्य के मद्देनजर विशेष अभियान चलाया गया था। 

सिविल सर्जन डॉ. एस के वर्मा ने कहा पूर्णिया ज़िले के लाभुक परिवार को गोल्डन कार्ड बनाने में शत-प्रतिशत उपलब्धि के लिए 17 फरवरी से 31 मार्च तक आयुष्मान पखवाड़ा आयोजित किया गया था। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के संबंध में जिलेवासियों को जागरूक करने देने के लिए जिला से लेकर प्रखंड व पंचायत स्तर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए आयुष्मान पखवाड़ा को शत प्रतिशत सफल बनाया गया है। ज़िले के सभी ग्राम पंचायतों में विशेष शिविर का आयोजन एवं योजना से संबंधित प्रचार प्रसार के लिए जनजागरूकता अभियान चलाया गया था। ज़िले के सभी चौक चौराहों, सार्वजनिक स्थल, आरटीपीएस काउंटर, प्रखंड कार्यालय व ग्राम पंचायतों में ज़्यादा से ज़्यादा जागरूकता लाने के लिए बैनर व पोस्टर लगाया गया था। ताकि गांव के लोगों को इसकी जानकारी मिल सके।

सभी अधिकारियों सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से मिली सफ़लता: वेंकटेश आयुष्मान 

भारत के प्रमंडलीय समन्वयक वेंकटेश पाण्डेय ने बताया आयुष्मान पखवाड़ा में ज़िला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने के बाद सफ़लता मिली हैं। निर्वाचन कार्य की तरह ही पंचायत के सभी वार्ड सदस्यों के साथ मिलकर माइक्रोप्लान बनाया गया था। पंचायती राज विभाग के कार्यपालक सहायकों से पंचायत स्तर पर सेवा ली गई। जिन ग्राम पंचायतों में पंचायती राज कार्यपालक सहायक उपलब्ध नहीं थे उस स्थल पर आयुष्मान पखवाड़े तक के लिए स्वास्थ्य विभाग, ग्रामीण विकास विभाग एवं कार्यपालक सहायकों से कार्य कराया गया। सबसे ज्यादा कार्य वालों में अनुमंडलीय अस्पताल धमदाहा, रुपौली व अमौर शामिल हैं। इन प्रखंडों में सबसे ज्यादा कार्ड बनाया गया है। आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड बनाये जाने वाले कर्मियों को उत्कृष्ट कार्य को लेकर सरकारी स्तर पर सम्मानित भी किया जाएगा। 


पखवाड़े में बना 43 हजार से अधिक गोल्डेन कार्ड : नीलांबर 

आयुष्मान भारत के ज़िला समन्वयक नीलांबर कुमार ने बताया पखवाड़े से पूर्व जिले में आयुष्मान भारत योजना के तहत लगभग 66 हज़ार 219 परिवारों के पास लगभग 1 लाख 19 हज़ार 124 कार्ड निर्गत किए जा चुके थे। 17 फरवरी से 31 मार्च तक चले पखवाड़ा में लगभग 43500 कार्ड बनाया गया। उन्होंने बताया सदर अस्पताल पूर्णिया को इस योजना से जुड़े लाभार्थियों को निःशुल्क इलाज़ कराने के लिए राज्य में पहला स्थान मिल चुका है। आयुष्मान भारत योजना को संचालित करने वाली नेशनल हेल्थ एजेंसी के द्वारा एक वेबसाइट और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। योजना के लाभार्थी अपना नाम खुद mera.pmjay.gov.in वेबसाइट पर देख सकते हैं या फ़िर हेल्पलाइन नंबर 14555 पर कॉल के माध्यम से जानकारी ले सकते हैं। ज़िला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल सहित ज़िले के सभी अस्पतालों में प्रतिदिन कार्ड बनवाने के लिए भीड़ लगी रहती है, क्योंकि मरीजों को विभिन्न बीमारियों का इलाज़ व बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं ससमय मिलती हैं। जिस कारण अभी तक लगभग 16 सौ मरीजों को इस योजना के तहत लाभ मिल चुका है। जानकारी हो कि पूर्णिया जिले में लगभग 4 लाख परिवारों के 19 लाख 38 हज़ार लोगों का गोल्डेन कार्ड दिया जाना है। 

सुविधा शुल्क लेने वाले पर की जाएगी कार्यवाई: डीसी 

जिलेवासियों से अपील करते हुए आयुष्मान भारत के ज़िला समन्वयक नीलांबर कुमार ने बताया पखवाड़े के समाप्ति के बाद भी लाभुकों को यह सुविधा दी गई है कि वे लोग किसी भी दिन अपने नजदीकी सुविधा केंद्र पर जाकर आयुष्मान भारत योजना के तहत निःशुल्क गोल्डेन कार्ड बनवा सकते हैं। इसके लिए किसी भी तरह की कोई सुविधा शुल्क नहीं ली जाएगी। अगर ऐसी शिकायत मिलती है तो उनलोगों पर विभागीय कार्यवाई भी की जा सकती है। पंचायत वार्ड सदस्यों के सहयोग से बीपीएल परिवारों को किया गया था जागरूक: आयुष्मान पखवाड़े के दौरान आयोजित शिविर के माध्यम से बीपीएल परिवार के लाभार्थियों को वार्ड सदस्य के सहयोग से लगातार जागरूक किया जा रहा था। व्यक्तिगत पहचान के लिए आधार कार्ड, आधार नंबर तथा परिवारिक सदस्यता सत्यापन के लिए राशन कार्ड या प्रधानमंत्री द्वारा प्रेषित पत्र के साथ विशेष शिविर में आने के लिए प्रेरित किया गया था। कार्ड के निर्माण में जीविका दीदी, आशा कार्यकर्ता, एएनएम के साथ ही स्वास्थ्य केन्द्र के एमओआईसी, बीएचएम व बीसीएम के द्वारा काफ़ी सहयोग किया गया है। विशेष शिविर के दौरान कोविड-19 के नियमों का अक्षरशः पालन किया गया था।

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