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कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम को जिले में चलाया जा रहा दो दिवसीय विशेष टीकाकरण अभियान

पूर्णिया। पूर्णिया जिले में कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए इसकी रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार के निर्देश के आलोक में जिल...


पूर्णिया।
पूर्णिया जिले में कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए इसकी रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार के निर्देश के आलोक में जिला प्रशासन द्वारा 10 एवं 11 अप्रैल को विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। विशेष टीकाकरण अभियान के लिए जिले में कुल 178 टीकाकरण केंद्र बनाए गये है । जिसमें नगर निगम, पूर्णिया के सभी 46 वार्ड के साथ ही सभी 14 प्रखंड में 132 टीकाकरण सत्र लगाए गए हैं। सभी टीकाकरण स्थलों में जिले के 45 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को टीका लगाया जा रहा है। दो दिवसीय टीकाकरण अभियान का जिलाधिकारी राहुल कुमार द्वारा निरीक्षण किया गया। उन्होंने केनगर, धमदाहा एवं भवानीपुर टीकाकरण स्थल का निरक्षण करने के साथ ही योग्य लाभुकों को टीकाकरण के लिए भी प्रेरित किया। जिलाधिकारी राहुल कुमार ने लोगों को टीकाकरण के बाद भी कोविड-19 गाइडलाइंस का पालन करने, हमेशा मास्क का उपयोग करने और सोशल डिस्टेनसिंग का पालन करने का निर्देश दिया। इसके अलावा जिलाधिकारी ने सभी नोडल अधिकारी को क्षेत्र के सभी 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को कोविड-19 से बचाव हेतु टीका लगवाने के लिए जागरूक करने का निर्देश दिया। 

विशेष टीकाकरण अभियान के लिए जिले में बनाए गए हैं 178 टीकाकरण कैम्प : 

स्वास्थ्य विभाग के निर्देश के आलोक में चलाये जा रहे दो दिवसीय विशेष टीकाकरण अभियान के लिए जिले में कुल 178 विशेष सत्र लगाए गए हैं। इसमें नगर निगम क्षेत्र के सभी 46 वार्डों के विद्यालय भवन या सार्वजनिक स्थलों में टीकाकरण सत्र लगाने के अलावा सभी प्रखंड के स्वास्थ्य केंद्रों, उपस्वास्थ्य केंद्रों में कैम्प लगाया गया है। दो दिवसीय विशेष टीकाकरण अभियान के लिए जिले के धमदाहा प्रखंड में 10, अमौर में 13, के.नगर में 11, डगरुआ में 10, बायसी में 08, बैसा में 09, बनबनखी में 09, बी.कोठी में 09, भवानीपुर में 09, जलालगढ़ में 11, कसबा में 08, रुपौली में 11, श्रीनगर में 08 एवं पूर्णिया पूर्व में 06 टीकाकरण सत्र बनाए गए हैं। दो दिवसीय टीकाकरण अभियान में जिले के 35 हजार लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। 

नोडल अधिकारियों द्वारा लोगों को टीकाकरण के प्रति किया जा रहा जागरूक : 

संक्रमण से बचाव के लिए लगाए जा रहे टीकाकरण अभियान में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सभी स्तर पर नोडल अधिकारी बनाये गए हैं तथा उन्हें अपने क्षेत्र के अधिक से अधिक लोगों को टीकाकरण के लिए जागरूक करने की जिम्मेदारी दी गई है। टीकाकरण के लिए प्रखंड स्तर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी/अंचलाधिकारी/कार्यक्रम पदाधिकारी/बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को अपने कर्मियों द्वारा लोगों को जागरूक करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी को अपने क्षेत्र में बीसीएम व आशा कर्मियों का उपयोग लेने का निर्देश दिया गया है। नगर निगम क्षेत्र में नगर आयुक्त को नगर पंचायतों के कार्यपालक पदाधिकारी, वार्ड सदस्यों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों से सहयोग लेने की अपेक्षा की गई है। लोगों को टीकाकरण के लिए जागरूक करने के लिए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (आईसीडीएस), जिला परियोजना प्रबंधक (जीविका) को भी अपने स्तर से सहयोग देकर चिह्नित लाभार्थियों को शत प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया है। सिविल सर्जन को कोविड-19 टीकाकरण के लिए नजदीकी सत्र स्थल यथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 

45 वर्ष या उससे अधिक उम्र के सभी लोगों को दिया जाएगा टीका : 

विशेष टीकाकरण अभियान में जिले के 45 वर्ष या उससे अधिक उम्र के सभी लोगों को कोविड-19 से बचाव हेतु टीका लगाया जा रहा है। टीकाकरण सत्र पर एक साथ अत्यधिक संख्या में योग्य लाभार्थियों के आने व स्तर स्थल पर होने वाली भीड़-भाड़ की स्थिति में पोर्टल प्रविष्टि में समय लगने की सम्भावना को देखते हुए स्वास्थ्य कर्मियों को लाभार्थियों की पहचान की जांच कर उनके आधार कार्ड की छाया प्रति, मोबाइल नंबर लेते हुए उन्हें संधारित करते हुए लाभार्थियों का टीका सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। पोर्टल के सामान्य रूप से कार्य करने पर सम्बंधित लाभार्थियों के आंकड़ों की विवरणी, फ़ोटो, पहचान पत्र पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया है।

प्रति दो घंटे में जिला नियंत्रण कक्ष को दी जानी है सूचना : 

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा), सहायक परियोजना पदाधिकारी डीआरडीए को जिला नियंत्रण कक्ष में प्रतिनियुक्त किया गया है। उनके द्वारा प्रत्येक दो घंटे में टीकाकरण सेंटर पर नामित कर्मियों, पदाधिकारी या नोडल अधिकारी से समन्यवय स्थापित करते हुए प्रति दो-दो घंटे पर प्रतिवेदन लेकर वरीय अधिकारियों को सूचित करने का निर्देश दिया गया है।

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