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जिला में टीबी मरीजों को चिह्नित करने का कार्य युद्धस्तर पर जारी 

पटना। वर्ष 2025 तक यक्ष्मा उन्मूलन के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए स्वास्थ्य एवं यक्ष्मा विभाग निरंतर प्रयासरत है. इसी क्रम में प...


पटना।
वर्ष 2025 तक यक्ष्मा उन्मूलन के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए स्वास्थ्य एवं यक्ष्मा विभाग निरंतर प्रयासरत है. इसी क्रम में पटना जिला में स्थित शहरी मलिन बस्तियों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, रैन बसेरा, सुधार गृह आदि की सूची तिथिवार बनाकर माइक्रोप्लान के अनुसार अधिक से अधिक टीबी रोगियों की पहचान की जा रही है. इस आलोक में अपर निदेशक-सह-राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी (यक्ष्मा) डॉ. बाल कृष्ण मिश्र ने पत्र जारी कर जरूरी दिशानिर्देश दिए हैं. 

मलिन बस्तियों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन सहित कई जगहों पर की जा रही है पहचान : 

जारी पत्र में बताया गया है वर्ष 2025 तक यक्ष्मा उन्मूलन के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अधिक जोखिम युक्त कठिन क्षेत्रों मंर रहने वाले समुदाय में टीबी के लक्षण वाले व्यक्तियों की पहचान कर जांच एवं उपचार की प्रक्रिया निरंतर चलते रहना आवश्यक है. पटना जिलान्तर्गत शहरी मलिन बस्तियों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, रैन बसेरा, सुधार गृह आदि की सूची तिथिवार बनाकर माइक्रोप्लान के अनुसार अधिक से अधिक टीबी रोगियों की पहचान जरूरी है. 

52 मलिन बस्तियों को किया गया है चिन्हित : 

राज्य प्रचार प्रसार पदाधिकारी(यक्ष्मा) बुशरा अजीम ने बताया टीबी उन्मूलन के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए टीबी मरीजों को चिह्नित करने का अभियान 5 अप्रैल से 16 अप्रैल तक चलाया जा रहा है. टीम के साथ एक मोबाइल वैन को स्क्रीनिंग/जांच कार्य में लगाया गया है. इसके लिए जिला के 52 मलिन बस्तियों को चिन्हित किया गया है. 2025 तक यक्ष्मा उन्मूलन के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए यक्ष्मा विभाग हर संभव प्रयास कर रहा है. 


तीन दिनों में 208 लोगों की हुई जांच : 

बुशरा अजीम ने बताया 6 तारीख से जारी अभियान के तहत सिटी कोर्ट के आस पास बसे मलिन बस्तियों, कुम्हरार स्थित जाकिर हुसैन कॉलोनी, आंबेडकर नगर, नया टोला के मलिन बस्तियों के 68 घरों में 208 लोगों की स्क्रीनिंग की गयी तथा 8 लोगों का बलगम जांच के लिए संग्रहित किया गया. तीन दिनों से जारी टीबी मरीज खोज अभियान में अभी तक 1450 लोगों से मरीजों को चिन्हित करने हेतु टीम ने संपर्क किया है. 

दवा की पूरी खुराक दिलाएगा टीबी से निजात : 

जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. माला श्रीवास्तव ने बताया दो हफ्ते या उससे ज्यादा समय तक खांसी टीबी के लक्षण होते हैं. सरकार द्वारा सभी स्वास्थ्य संस्थानों में टीबी की जांच निशुल्क उपलब्ध है और संक्रमित पाए गए मरीजों को दवा की पूरी खुराक भी निःशुल्क उपलब्ध करायी जाती है. यह आवश्यक है कि लक्षण दिखाई पड़ते ही तुरंत टीबी की जांच कराएँ और दवा की पूरी खुराक का सेवन करें.

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